ट्रंप की नरमी, पर ईरान ने दिखाए तेवर, अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर दागे रॉकेट

ट्रंप के संबोधन के कुछ घंटों बाद ही ईरान ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए और इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर दो रॉकेट दागे. ये रॉकेट ग्रीन जोन में गिरे. इस हमले में किसी नुकसान की खबर नहीं है. इराकी सेना ने हमले की पुष्टि की है.

ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद चल रही तनातनी और अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले के बाद दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया. हालांकि अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर जवाबी कार्रवाई या हमले जैसी कोई बात नहीं कही.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर टिप्पणी जरूर की और नए प्रतिबंध लगाने की भी बात कही. ट्रंप के इस रूख को अपेक्षाकृत नरम ही माना गया. ट्रंप के संबोधन के कुछ घंटों बाद ही ईरान ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए और इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर दो रॉकेट्स दागे. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रॉकेट्स ग्रीन जोन में गिरे. इस हमले में किसी नुकसान की खबर नहीं है.

इराकी सेना ने हमले की पुष्टि की है. गौरतलब है कि ईरान ने दो दिन पहले भी अमेरीकी दूतावास को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया था. तब भी मिसाइलें ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास से कुछ दूर गिरी थीं. इस हमले में भी कोई नुकसान नहीं हुआ था. एक दिन पहले भी ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर दर्जन भर मिसाइलें दागी थीं.

ईरान ने इस हमले में 80 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने हमले की पुष्टि की, लेकिन साथ ही दावा किया कि इसमें किसी अमेरिकी सैनिक या इराकी को नुकसान नहीं हुआ है. ईरान के नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने हमले को अमेरिका के गाल पर करारा तमाचा बताया था.

क्या कहा अमेरिकी राष्ट्रपति ने

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि हम बल प्रयोग करना नहीं चाहते. उन्होंने नरमी दिखाते हुए कहा कि ईरान एक बेहतर देश हो सकता है, उसे आतंक का समर्थन करना बंद करना होगा. ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत और समझौते का रास्ता खुला रखने का संकेत देते हुए कहा कि ऐसा समझौता करने की कोशिश की जाएगी, जिससे दुनिया शांति की ओर बढ़ सके.