शिकारा का मेकिंग वीडियो: 30 साल बाद एक साथ आए 4000 कश्मीरी पंडित, पर्दे पर दिखेगा असली दर्द

ये सभी वो लोग हैं जिन्हें 1990 में कश्मीर से अपना घर छोड़कर जाना पड़ा था. विधु विनोद चोपड़ा फिल्म्स द्वारा यह वीडियो साझा किया गया है.

निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'शिकारा' काफी चर्चा में है. फिल्म की कहानी और इसके स्क्रीनप्ले को हकीकत के ज्यादा से ज्यादा करीब ले जाने के लिए विधू विनोद ने हर संभव कोशिश की है. यूट्यूब पर फिल्म का एक मेकिंग वीडियो अपलोड किया गया है जो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह मेकर्स ने फिल्म के एक सीक्वेंस के लिए उन्होंने 4000 कश्मीरी पंडितों को एक जगह जमा कर लिया.

ये सभी वो लोग हैं जिन्हें 1990 में कश्मीर से अपना घर छोड़कर जाना पड़ा था. विधु विनोद चोपड़ा फिल्म्स द्वारा यह वीडियो साझा किया गया है. उन्होंने लिखा, "30 साल बाद, 4,000 से अधिक वास्तविक कश्मीरी पंडित शरणार्थियों ने 19 जनवरी 1990 के दिन को इस उम्मीद में रीक्रिएट किया कि इस बार उनकी कहानी अनसुनी नहीं की जाएगी."

वीडियो में, हम अलग-अलग जगहों से कश्मीरी पंडित शरणार्थियों को अपने उस सफर को याद करते हुए देख सकते हैं जब उन्हें 1990 में अपने घरों को छोड़ना पड़ा था. भरी हुई बस का दृश्य इस सफ़र को बहुत वास्तविक बनाता है. वहीं, उस समय के बारे में बताते हुए, कई लोग भावुक भी हो गए थे. प्रत्येक शरणार्थी के पास बताने के लिए एक अलग कहानी है और यही चीज, कहानी को बेहद भावपूर्ण बनाती है.

क्या होगी शिकारा की कहानी?

वह फिल्म को वास्तविकता के करीब रखने के लिए इतने उत्सुक हैं कि उन्होंने शरणार्थी शिविर के निवासियों और अन्य शिविरों के साथ शूटिंग की है. 'शिकारा' में 1990 की घाटी से कश्मीरी पंडितों की अनकही कहानी को सुनाया जाएगा.