Shaheen Bagh : प्रदर्शनकारियों ने कहा, गोली खाएंगे पर यहां से नहीं हटेंगे

शाहीन बाग इस समय दुनिया में चर्चा का बिंदु बना हुआ है। यहां की किसी भी गतिशीलता को न केवल भारतीय मीडिया बल्कि विदेशी मीडिया भी गंभीरता से ले रही है।   

 

शालिनी कुमार, नई दिल्ली। शाहीन बाग इस समय दुनिया में चर्चा का बिंदु बना हुआ है। यहां की किसी भी गतिशीलता को न केवल भारतीय मीडिया बल्कि विदेशी मीडिया भी गंभीरता से ले रही है।   

सीएए, एनआरसी के खिलाफ चल रहे यहां धरना प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में चुनाव भी हुए। शाहीन बाग पूरे चुनाव में चर्चा का केंद्र बिंदु बना हुआ था। दिल्ली विधानसभा का चुनाव इसी के ईर्द गिर्द घुमा पर रिजल्ट आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि यह धरना कब खत्म होगा। कुछ लोग आगे आए और इस धरने को खत्म कराने की कवायद शुरू हो गई पर अभी तक यह धरना चल ही रहा है। आज धरने का 67 दिन है

 

आज केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सुलह का रास्ता खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और वरिष्ठ वकील साधना रामचंद्रन बुधवार को शाहीन बाग पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सुलह के फॉर्मूले पर बातचीत की। इसके बाद वे लौट गए। हालांकि धरने को खत्म करने को लेकर कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। वैसे वे गुरुवार को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों से मिलेंगे।

शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने कहा कि हमने आज शाहीन बाग में माताओं, बहनों और नागरिकों से पहली मुलाकात की। बहुत अच्छा लगा। आज बात तो पूरी हो नहीं पाई, आज शुरूआत ही हुई है। वो चाहते हैं कि हम कल दोबारा आए, हम कल दोबारा आएंगे।

इससे पहले जब वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि रास्ता कैसे खुलेगा, तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) वापस नहीं लिया जाता है, तब तक हम एक इंच भी पीछ नहीं हटेंगे, फिर चाहे कोई हम पर फायरिंग ही क्यों न करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया जा रहा है। कुछ लोग हमको गोली मारना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि हम देशद्रोही नहीं हैं, बल्कि देशभक्त हैं। हमने अंग्रेजों से लोहा लिया है। वहीं, इससे पहले जब वार्ताकार शाहीन बाग के प्रदर्शन मंच पर पहुंचे, तो लोगों ने उनका तालियां बजाकर स्वागत किया। इसके बाद वार्ताकारों ने कहा कि मीडिया की मौजूदगी में हम प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत नहीं करना चाहते हैं। मीडिया पहले हमें प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने दे। इसके बाद हम इसकी जानकारी मीडिया को देंगे।

वहीं, मीडिया कर्मियों का कहना था कि उन्हें सवाल पूछने दिए जाएं, हालांकि वार्ताकारों ने मना कर दिया और कहा कि हम मीडिया को बाद में ब्रीफिंग दे देंगे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों का भी यह कहना था कि मीडिया को यहां रहने दिया जाए। इसके बावजूद अगर किसी तरह की कोई असुविधा होती है, तो मीडिया को जाने के लिए हम कह देंगे। इस दौरान कुछ महिलाएं भी मीडिया की मौजूदगी का विरोध किया।

प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि हमारे पास वक्त है। हम आपको सुनने आए हैं। संजय हेगड़ ने मंच पर पहुंचकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी पढ़ा। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट की इजाजत सबको है, लेकिन किसी को रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। संजय हेगड़े ने यह भी कहा कि हम यहां फैसला सुनाने नहीं आए हैं, बल्कि वार्ता करने आए हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वार्ताकारों ने बुधवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इस दौरान वार्ताकार संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि हम सबकी बात सुनने आए हैं। हमको न कोई जल्दबाजी और न ही कोई हड़बड़ी है। उन्होंने कहा कि हम सबसे पहले 'दादी' की और फिर उम्र में बड़े लोगों की बात आराम से सुनेंगे। हम सुनना और समझना चाहते हैं। हम कम बोलेंगे और ज्यादा सुनेंगे।

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