तीन महीने के इंतजार के बाद सामना को मिला संपादक

मुंबई। बालठाकरे का अखबार या कहें शिवसेना का मुखपत्र 'सामना' को भी संपादक मिल गया है। हालांकि अखबार को भी इसके लिए तीन महीने का इंतजार करना पड़ा।

 

मुंबई। बालठाकरे का अखबार या कहें शिवसेना का मुखपत्र 'सामना' को भी संपादक मिल गया है। हालांकि अखबार को भी इसके लिए तीन महीने का इंतजार करना पड़ा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे को यह जिम्मेदारी मिली है।

उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से यह पद करीब तीन महीने से खाली चल रहा था। 1 मार्च के संस्करण में बतौर संपादक रश्मि उद्धव ठाकरे का ही नाम दिया गया है। संजय राउत सामना के कार्यकारी संपादक बने रहेंगे।

सामना शिवसेना का मुखपत्र है, जो दो भाषाओं हिंदी और मराठी में प्रकाशित होता है। सामना की स्थापना 23 जनवरी 1988 को शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने की थी और अपने निधन तक वही इसके संपादक बने रहे। बाल ठाकरे के बाद उद्धव ठाकरे ने सामना के संपादक का कामकाज संभाला था। अब उन्हीं के परिवार को फिर यह जिम्मदारी दी गई है। हालांकि वह संपादकीय में कितना हस्तक्षेप कर पाएंगी यह तो समय बताएगा पर परिवार की थाती परिवार को ही सौंप दिया गया है।

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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