यस बैंक को संकट से निकालने की कवायद शुरू

नई दिल्ली। यस बैंक को संकट से निकालने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसलिए खुद वित्त मंत्रालय सामने आया है। 4 .30 बजे वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसके बारे में जानकारी

 

नई दिल्ली। यस बैंक को संकट से निकालने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसलिए खुद वित्त मंत्रालय सामने आया है। 4 .30 बजे वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसके बारे में जानकारी दीं। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि एसबीआई ने यस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने में दिलचस्‍पी दिखाई है। निवेशक बैंक अगले तीन साल के लिए 49 फीसदी हिस्‍सेदारी ले सकता है। वहीं अपनी हिस्‍सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि यस बैंक के लिए आरबीआई ने री-स्‍ट्रक्‍चरिंग प्‍लान का ऐलान किया है। ये प्‍लान एक महीने के भीतर ही लाया जाएगा। इस प्‍लान को सुझाव के लिए एसबीआई और यस बैंक को भेज दिया गया है। इसके अलावा यस बैंक का नया बोर्ड री-स्‍ट्रक्‍चरिंग प्‍लान के बाद बैंक को टेकओवर करेगा। दरअसल, आरबीआई ने यस बैंक के डायरेक्‍टर बोर्ड को भंग कर दिया था। इसके बाद एसबीआई के सीएफओ प्रशांत कुमार को एडमिनिस्‍ट्रेशन की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है।

निर्मला सीतारमण ने बताया‍ कि यस बैंक द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। बैंक ने जोखिम भरे क्रेडिट निर्णय लिए थे। यस बैंक ने अनिल अंबानी, एसेल ग्रुप, डीएचएफएल, वोडाफोन जैसी कंपनियों को लोन दिया जो डिफॉल्ट हुए हैं। ये सभी मामले 2014 से पहले यानी यूपीए शासनकाल के हैं।

निर्मला सीतारमण ने कहा, मैंने RBI से आकलन करने के लिए कहा है कि बैंक में इन कठिनाइयों का क्या कारण है। इसके साथ-साथ समस्या के लिए व्यक्तिगत रूप से कौन ज़िम्मेदार हैं, उनकी पहचान की जाए।

यस बैंक में जमा राशि और देनदारियां प्रभावित नहीं होंगी। कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि यस बैंक के मामले को लेकर वह मई 2019 के बाद से ही आरबीआई के संपर्क में थीं। वहीं सितंबर 2019 से यस बैंक पर सेबी की नजर है।

 

 

 

 

इससे पहले निर्मला सीतारमण ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा।

 

 

 

इस हालात में यस बैंक के शेयर में 70 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह 16.55 अंक पर बंद हुआ। वहीं कारोबार के दौरान यस बैंक का शेयर 6 रुपये के भाव तक आ गया। यह यस बैंक का ऑल टाइम लो लेवल है। वहीं बैंक का मार्केट कैप 3, 306 करोड़ रुपये पर आ गया है। बता दें कि गुरुवार को यस बैंक का मार्केट कैप 9 हजार करोड़ से अधिक था। इस तरह, सिर्फ 1 दिन में मार्केट कैप में 6 हजार करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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