हाथ छोड़ सिंधिया ने पकड़ा कमल, राहुल बोले, दरवाजा हमेशा खुले

नई दिल्ली। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के कमलनाथ सरकार और कांग्रेस की होली खराब कर दी। आखिरकार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हाथ का साथ छोड़ते हुए उन्होंने बुधवार को

 

नई दिल्ली। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के कमलनाथ सरकार और कांग्रेस की होली खराब कर दी। आखिरकार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। हाथ का साथ छोड़ते हुए उन्होंने बुधवार को भाजपा ज्वाइन कर लिया। पिछले काफी दिनों से कयास लगाया जा रहा था कि सिंधिया देरसवेर भाजपा के दरवाजे पर दस्तक दे सकते हैं और हुआ भी वैसे ही। वे भाजपा के दरवाजे पर जा पहुंचे और पीएम मोदी और अमित शाह के मुलाकात के बाद आज भाजपा मुख्यालय में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष कमल का फूल अपने हाथ में थाम लिया।

कांग्रेस में कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के दिन कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी।

बीजेपी में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह जी का शुक्रिया की उन्होंने अपने परिवार में स्थान दिया। सिंधिया बोले कि मेरे जीवन में दो तारीख काफी अहम रही हैं, इनमें पहला 30 सितंबर 2001 जिस दिन मैंने अपने पिता को खोया, वो जिंदगी बदलने वाला दिन है और दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 को जहां जीवन में एक बड़ा निर्णय मैंने लिया है।

सिंधिया बोले कि आज मन व्यथित है और दुखी भी है। जो कांग्रेस पार्टी पहले थी वो आज नहीं रही, उसके तीन मुख्य बिंदु हैं. पहला कि वास्तविकता से इनकार करना, नई विचारधारा और नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना। 2018 में जब मध्यप्रदेश में सरकार बनी तो एक सपना था, लेकिन वो बिखर चुका है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने वादे पूरे नहीं किए हैं। कांग्रेस में रहकर जनसेवा नहीं की जा सकती।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में ट्रांसफर माफिया का उद्योग चल रहा है, राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुझे एक नया मंच देने का मौका दिया है।

 

 

बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शीर्ष नेतृत्व से नाराजगी की वजह से पार्टी से किनारा कर लिया। ऐसी कई जानकारियां सामने आईं थीं, जिनमें यह कहा गया था कि ज्योतिरादित्य आलाकमान से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वक्त नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने ऐसे किसी भी बात से किनारा कर लिया है।

समय न देने के सवाल पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ज्योतिरादित्य ही केवल ऐसे थे जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे। वे मेरे साथ कॉलेज में भी रहे हैं। कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया की गिनती राहुल गांधी के सबसे करीबी नेताओं में होती थी। प्रियंका गांधी से भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के अच्छे संबंध रहे हैं।

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