कोरोना के कहर से वैश्विक शेयर बाजार लहुलुहान

मुंबई। कोरोना ने हर तरफ कोहराम मचा रखा है। इसकी सबसे ज्यादा मार वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रही है। जिसके कारण वैश्विक शेयर बाजार आज लहुलुहान होते दिखे। न केवल डाउ बल्कि भारतीय बाजार में भी कोहराम रहा।

 

मुंबई। कोरोना ने हर तरफ कोहराम मचा रखा है। इसकी सबसे ज्यादा मार वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रही है। जिसके कारण वैश्विक शेयर बाजार आज लहुलुहान होते दिखे। न केवल डाउ बल्कि भारतीय बाजार में भी कोहराम रहा। आज करीब 10 लाख करोड़ केवल भारतीय बाजार में निवेशकों के डूब गए।

कल भारत और अमेरिका ने जिस प्रकार से दूसरे देशों के आवागमन को कठोरता पूर्वक बंद किया था उसके बाद से ही तय था कि गुरुवार को शेयर बाजार करीब लाल निशान में खुलेंगे। और खुले भी। निफ्टी जहां 450 प्वाइंट नीचे खुला वहीं बैंक निफ्टी 1100 प्वाइंट नीचे खुला। लगभग हर शेयर लाल निशान में खुले। जिससे निवेशकों के कुछ ही घंटों में 10 लाख करोड़ डूब गए।

दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 2,919.26 अंक यानी 8.18 फीसदी की जबरदस्त गिरावट के बाद 32,778.14 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 825.30 अंक यानी 7.89 फीसदी की गिरावट के बाद 9,633.10 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में चौतरफा बिकवाली दिखी।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को घटकर 126 लाख करोड़ रुपये रह गया। 


फीसदी के हिसाब से 2008 के बाद पहली बार कारोबार के दौरान सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट दिखाई दी। पिछले सात दिनों में सेंसेक्स करीब 15 फीसदी नीचे आया है। वहीं 2017 के बाद यह पहला मौका है, जब निफ्टी 9,600 के स्तर से नीचे पहुंचा।

 


1,106 कंपनियों के शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए। 500 कंपनियों के शेयरों में लोअर सर्किट लगा। एनएसई में 783 कंपनियों के शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। एक साल के निचले स्तर पर जाने वाली कंपनियों में रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, बजाज ऑटो, एचपीसीएल, आईटीसी, एलएंडटी और स्पाइसजेट शामिल हैं। वहीं गेल, हीरो मोटरकॉर्प, एसीसी, बीईएमएल, जिलेट और ग्लेनमार्क फार्मा का भी नाम इस सूची में है। 

 

 

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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