इंडियन पोएट्री इन इंग्लिश— पेट्रीकॉर' का लोकार्पण

पटना। शुक्रवार को अंग्रेजी के जाने-माने साहित्यकार, कवि एवं टीपीएस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के आचार्य डॉ छोटे लाल खत्री के साहित्यिक अवदान पर डॉ सुधीर के अरोड़ा और डॉ अवनीश सिंह चौहान द्वारा सम्पादित

पटना। शुक्रवार को अंग्रेजी के जाने-माने साहित्यकार, कवि एवं टीपीएस कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के आचार्य डॉ छोटे लाल खत्री के साहित्यिक अवदान पर डॉ सुधीर के अरोड़ा और डॉ अवनीश सिंह चौहान द्वारा सम्पादित पुस्तक 'इंडियन पोएट्री इन इंग्लिश— पेट्रीकॉर : ए क्रिटीक ऑफ सी. एल. खत्रीज़ पोएट्री' का लोकार्पण कॉलेज के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह एवं उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. अबू बकर रिज़वी, दर्शनशास्त्र के अध्यक्ष प्रो. श्यामल किशोर, हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. जावेद अख्तर खाँ एवं प्रो. शशि भूषण चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर प्रो. छोटे लाल खत्री भी मौजूद थे।

 

प्रकाश बुक डिपो, बरेली द्वारा प्रकाशित 272 पृष्ठ की इस पुस्तक में भारतीय अंग्रेजी काव्य के परिप्रेक्ष्य में सीएल खत्री की रचनाधर्मिता पर 22 शोधपरक आलेख/आलोचनात्मक निबंधों के साथ रचनाकार का सारगर्भित साक्षात्कार, प्रतिनिधि रचनाएँ एवं महत्वपूर्ण उद्धरणों को संकलित कर विस्तार से चर्चा की गई है। इस पुस्तक को मुख्य रूप से 'द रिवर', 'फायर एंड वाटर', 'अर्थ', 'एयर', 'स्काई' खण्डों में विभाजित किया गया है। इसके साथ ही साक्षात्कार खण्ड, रचना खण्ड, ग्रंथसूची आदि को भी जोड़ा गया है। 


प्रो. उपेन्द्र प्रसाद ने इस पुस्तक को महाविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए प्रो. खत्री को बधाई दी। प्रो. रिजवी ने इस अवसर पर कहा कि सीएल खत्री अंग्रेजी में कविताएँ जरूर लिखते हैं, मगर इनकी कविताओं में हिन्दुस्तान की रूह बसती है। इनकी कविताओं का अनुवाद देश की कई अन्य भाषाओं में भी हो चुका है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि इन दिनों वे खत्री जी की कविताओं का सग्रंह— 'टू मिनट सायलेंस' का उर्दू में अनुवाद कर रहे हैं। प्रो. जावेद अख्तर खाँ ने डॉ सुधीर के अरोड़ा और डॉ अवनीश सिंह चौहान के इस बेहतरीन सम्पादन की सराहना करते हुए कहा कि खत्री जी अपनी कविताओं में आम आदमी की जिन्दगी की बुनयादी समस्याओं का चित्रण बखूबी करना जानते हैं। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

जनसत्ता एक्सप्रेस एक स्वतंत्र मंच है। जहां आपको अपनी बात रखने की, अपने विचार रखने की, अपने जज्बात रखने की खुली छूट है। पर एक बात यहां साफ कर दें कि पत्रकारिता के भी कुछ मूलभूल सिद्धांत हैं जिससे परे हम लोग भी नहीं। पर आप जनसत्ता एक्सप्रेस के साथ किसी भी रूप में जुड़ना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। हम या आपको उतना ही आदर देंगे, सम्मान देंगे जितना अपने सहकर्मी को। इसलिए आप अपने क्षेत्र की खबरें, वीडियो हमें शेयर करें। हम उन्हें जनसत्ता एक्सप्रेस पर प्रकाशित करेंगे। इसके लिए आप jansattaexp@gmail.com का उपयोग कर सकते हैं। या फिर हमें आप whatsup भी 7678313774 पर कर सकते हैं। फोन तो आप कर ही सकते हैं। इसलिए एक नेक काम के लिए, पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए हमारे साथ, हमारी टीम का हिस्सा बनिए और स्वतंत्र पत्रकार, फोटोग्राफर, स्तंभकार के रूप में अपने अंदर के पत्रकार को जिंदा रखिए। हमारी टीम तो आपके साथ है ही।

राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस