पूर्व मंत्री यमुना प्रसाद की अंतिम इच्छा को पूरी करने में लगे राजनाथ शर्मा

लखनऊ। वरिष्ठ स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, लोकतन्त्र सेनानी पूर्व मंत्री श्री जमुना प्रसाद जी बीमार हैं। चार बार विधायक, दो बार उत्तर प्रदेश सरकार में मन्त्री रहे। सार्वजिनक जीवन में ईमानदारी और सादगी के पर्याय श्री जमुना

लखनऊ। वरिष्ठ स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, लोकतन्त्र सेनानी पूर्व मंत्री श्री जमुना प्रसाद जी बीमार हैं। चार बार विधायक, दो बार उत्तर प्रदेश सरकार में मन्त्री रहे। सार्वजिनक जीवन में ईमानदारी और सादगी के पर्याय श्री जमुना प्रसाद बोस जी उन राजनेताओं में हैं जो 1942 में अंग्रजों भारत छोड़ो आंदोलन में भी जेल गए और 1975 में आपातकाल के खिलाफ भी।

 


ईमानदारी की राजनीति को जीने वाले श्री जमुना प्रसाद बोस जी इस समय बीमार हैं। वह 94 वर्ष के हैं। वह चलने फिरने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन उनका मन आज भी देश और समाज से कुछ लेने को नहीं, देने को इच्छुक है।
आज समाजवादी योद्धा श्री राजनाथ शर्मा ( बाराबंकी ) उनका हालचाल लेने उनके लखनऊ के ठिकाने पर गए थे। आमतौर पर इस स्थिति में लोग अपने इलाज की बात करते हैं लेकिन श्री जमुना प्रसाद बोस जी आज भी अपने इलाज की नहीं, एक पुस्तक को फिर से प्रकाशित करने की इच्छा जाहिर किए। बकौल श्री शर्मा जी इस पुस्तक का नाम है, लोहे की दो लड़कियां। इस पुस्तक की एक प्रति बोस जी के पास है जिसे वह आज पढ़ रहे थे।

 


यह पुस्तक 13 - 13 वर्ष की इन दो लड़कियों की कथा है जिन्होंने त्रिपुरा के उस तीसरे कलेक्टर को भी उसके बंगले में घुसकर मार दिया जो दो कलेक्टरों की हत्या के बाद वहां तैनात हुआ था। बोस जी चाहते हैं कि यह किताब फिर से प्रकाशित हो ताकि आने वाली पीढ़ी इस प्रेरक प्रसंग को जान सके। श्री राजनाथ शर्मा जी ने श्री जमुना प्रसाद बोस से कहा है कि वह - लोहे की दो लड़कियां- पुस्तक को फिर से प्रकाशित कराएंगे। ईश्वर श्री जमुना प्रसाद जी को जल्द स्वस्थ करे।

जनसत्ता एक्सप्रेस एक स्वतंत्र मंच है। जहां आपको अपनी बात रखने की, अपने विचार रखने की, अपने जज्बात रखने की खुली छूट है। पर एक बात यहां साफ कर दें कि पत्रकारिता के भी कुछ मूलभूल सिद्धांत हैं जिससे परे हम लोग भी नहीं। पर आप जनसत्ता एक्सप्रेस के साथ किसी भी रूप में जुड़ना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। हम या आपको उतना ही आदर देंगे, सम्मान देंगे जितना अपने सहकर्मी को। इसलिए आप अपने क्षेत्र की खबरें, वीडियो हमें शेयर करें। हम उन्हें जनसत्ता एक्सप्रेस पर प्रकाशित करेंगे। इसके लिए आप jansattaexp@gmail.com का उपयोग कर सकते हैं। या फिर हमें आप whatsup भी 7678313774 पर कर सकते हैं। फोन तो आप कर ही सकते हैं। इसलिए एक नेक काम के लिए, पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए हमारे साथ, हमारी टीम का हिस्सा बनिए और स्वतंत्र पत्रकार, फोटोग्राफर, स्तंभकार के रूप में अपने अंदर के पत्रकार को जिंदा रखिए। हमारी टीम तो आपके साथ है ही।

राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

ट्रेंडिंग