अवैध संपत्ति के मामले में 'जियो मीडिया ग्रुप' के सीईओ मीर गिरफ्तार

लाहौर। पत्रकारों को हर मोर्चे पर सरकार से पंगा लेना पड़ता है। हालांकि कुछ पत्रकार सरकार के साथ मिलकर मलाई भी खाते हैं पर सरकार के साथ यदि संपादक की टसल है तो उसे जेल जाना तय है। एक ऐसे ही मामले में पाकिस्तान

 

लाहौर। पत्रकारों को हर मोर्चे पर सरकार से पंगा लेना पड़ता है। हालांकि कुछ पत्रकार सरकार के साथ मिलकर मलाई भी खाते हैं पर सरकार के साथ यदि संपादक की टसल है तो उसे जेल जाना तय है। एक ऐसे ही मामले में पाकिस्तान के चर्चित अखबार  जंग के प्रधान संपादक और कंपनी के सीईओ मीर शकील उर रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें 25 मार्च तक रिमांड पर भेज गया है। उन्हें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्‍यूरो (NAB) ने गिरफ्तार किया है। उनपर 34 साल पुराना अवैध रूप से खरीदी गई संपत्ति का मामला है।

रहमान के वकील एतजाज अहसन ने कहा कि 'अदालत ने कहा था कि जांच में सहयोग करने वाले की गिरफ्तारी का औचित्य नहीं है। वह नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्‍यूरो के दो बार बुलाने पर हाजिर भी हुए। ऐसे में रिमांड का मामला नहीं बनता। उन्‍हें फौरन रिहा किया जाए।' उन्‍होंने यह भी कहा कि 'जो संपत्ति खरीदी गई थी और उसके सभी दस्‍तावेज एनएबी को दिए गए थे।'


वहीं एनएबी (NAB) के प्रोसिक्‍यूटर का कहना था कि मीर शकील उर रहमान ने जांच में सहयोग नहीं किया। हालांकि मीर शकील उर रहमान ने मीडिया से कहा कि 'हमारा फर्ज है कि हम एनएबी के हर सवाल का जवाब दें। मैंने कहा भी कि मैं लिख कर जवाब लाया हूं, बताएं कौन-सी चीज चाहिए मगर मेरी बात को पूरी तरह सुना ही नहीं गया।'



वहीं एनएबी के प्रोसिक्‍यूटर ने कहा कि मीर शकील उर रहमान ने गैरकानूनी तौर पर जमीन अपने नाम कराई। प्रधान संपादक ने जांच में सहयोग नहीं किया। वहीं मीर शकील उर रहमान के वकील ने कहा कि 34 साल पुराने केस में यह गिरफ्तारी गैरकानूनी तौर पर की गई है।

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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