जब अर्नब को कोर्ट ने लगाई थी फटकार, कहा था भाषणबाजी कम कीजिए

रिपब्लिक टीवी चैनल शुरू होने के बाद से बयानों को लेकर विवाद में रहे हैं अर्नब गोस्वामी

नई दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी काफी पहले से विवादित रहे हैं। उनके खिलाफ मानहानि का केस भी हो चुका है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी वह कई बार विवादित बयान देने पर निशाने पर रहे हैं।

अर्नब गोस्वामी ने जब चैनल शुरू किया था तो उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी की मौत को लेकर कई खबरे चलाई थी। इन खबरों में उन्होंने शशि थरुर को दोषी बताते हुए गिरफ्तार किए जाने तक की बात कही थी। इसको लेकर शशि थरूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का केस किया था और दो करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि शब्दाडंबर बंद कीजिए। आप अपनी स्टोरी दिखा सकते हैं, तथ्य दिखा सकते हैं लेकिन उनका अपमान नहीं कर सकते। यह गैरजरूरी है। कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ इसलिए कि थरूर उनके शो में नहीं आ रहे हैं या साक्षात्कार नहीं दे रहे हैं। यह इस बात को कहने का आधार नहीं हो सकता कि वह भाग रहे हैं, जैसा समाचार चैनल ने कहा। अदालत ने कहा था कि किसी व्यक्ति को मौन रहने का अधिकार है। कोर्ट ने गोस्वामी और उनके चैनल को नोटिस भी जारी की थी।

अर्नब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने पक्ष रखा था। वहीं थरूर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि उनका बचाव किया जाना चाहिए और चैनल व पत्रकार को यह निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे उनके (थरूर) खिलाफ दिए गए बयानों के पीछे तर्क बताएं। खुर्शीद ने कहा कि जब से चैनल शुरू हुआ तब से ही चैनल सुनंदा की मौत से संबंधित खबरों को दिखा रहा है। थरूर ने उच्च न्यायालय से यह मांग भी की थी कि जब तक दिल्ली पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती तक टीवी चैनल द्वारा उनकी पत्नी की मौत से संबंधित किसी भी कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगाई जाए।

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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