क्रिकेटरो के बीच विवाद

युवराज सिंह कैसे खिलाड़ी है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लाक डाउन मे भी वो सूर्खियो मे आ गये। वो भी तब जब क्रिकेट से रिटायर हो गये है। रिटायर होने के बाद भी उन्होने इतनी जोरदार बल्लेबाजी कर दी कि उन्हे


मनीष कुमार जोशी
युवराज सिंह कैसे खिलाड़ी है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि लाक डाउन मे भी वो सूर्खियो मे आ गये। वो भी तब जब क्रिकेट से रिटायर हो गये है। रिटायर होने के बाद भी उन्होने इतनी जोरदार बल्लेबाजी कर दी कि उन्हे पारी की समाप्ति की घोषणा करके ही बल्लेबाजी खत्म करनी पड़ी। पारी की समाप्ति की घोषणा के बाद भी उनके द्वारा मारे गये छक्के लौटकर इन्ही की कमर मे लग रहे है।
अब तक आप समझ गये होगे कि यहा बात हो रही युवराज सिह से जुड़े विवाद की। लाक डाउन के दौरान युवराज सिंह अपने खिलाड़ी मित्रो के साथ आन लाईन चर्चा कर रहे थे। इसी चर्चा के दौरान युवराज सिंह ने यजुवेन्द्र चहल  को लेकल जातिसूचक टिप्पणी कर दी थी। यह टिप्पणी चहल के प्रशंसको पसंद नही आयी। इसकी जबरदस्त आलोचना होने लगी। ट्विटर पर हैश टैग माफी मांगो युवराज ट्रेंड करने लगा। यहां तक भी युवराज सिंह ने परवाह नही की। फिर मामाला आगे और बढ़ा। इस टिप्पणी को लेकर एक पुलिस थाने मे युवराज सिंह के विरूद्ध एफ आई आर दर्ज करवायी गयी। इसके बाद युवराज सिह गंभीर हो गये। एफ आई आर दर्ज होने के बाद युवराज सिह ने माफी मांग ली। उन्होने अपने ट्विटर एकाउण्ट पर लिखा है कि उनके किन्ही शब्दो के कारण किसी की भावनाऐ आहत हुई है तो मै माफी मांगता हुं। उन्होने कहा कि गलतफहमी के कारण यह टिप्पणी हो गयी। इस माफी के बाद संभावना है कि उन्हे इस मामले राहत मिल जाये। युवराज सिंह के रिटायर होने के बाद यह उनका पहला विवाद है। माफी मांगने के बाद इस विवाद मे उन्हे राहत मिल सकती है।
युवराज सिंह का कैरियर मे हमेशा कोई न कोई विवाद रहा है। धोनी के साथ युवराज सिंह  मैदान और टीम मे दोस्ताना व्यवहार रहा है। लेकिन कैरियर की शुरूआत से ही महेन्द्र सिंह धोनी के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा रही है। यह प्रतिस्पर्धा धोनी पर बनी फिल्म मे भी दिखाई गयी है।वैसे मैदान और मैदान के बाहर उन दोनो मे सामान्य व्यवहार दिखाई दिया है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब युवराज के पिता योगराज सिंह ने युवराज सिह को लेकर धोनी पर अनर्गल आरोप लगाये। उन्होने धोनी पर युवराज सिह के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाये।  इन आरोपो का महेन्द्र सिह धोनी ने कोई जवाब नही दिया। युवराज सिह ने अपने पिता की ओर से माफी मांगी। घरेलू विवादो के कारण भी युवराज सिह सूर्खियो मे रहे है। कैरियर की ऊंचाईयो पर गंभीर रोग हो जाना भी उनके कैरियर का हिस्सा रहा है।

दिग्गज खिलाड़ियो के बीच विवाद मीडिया की उपज रही है। बालीवुड की तरह क्रिकेट मे भी गासिप पत्रकारिता चरम पर रही है। कपिल देव और सुनील गावस्कर लगभग समकालीन थे। दोनो ही अपने हुनर के मास्टर थे। एक दुनिया का महान बल्लेबाज था तो दूसरा दुनिया का नंबर वन बल्लेबाज। दोनो के बीच गासिप विवाद की काफी खबरे आती थी।  गावस्कर की कप्तानी मे एक बार कपिलदेव को टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया। इससे कपिलदेव का लगतार टेस्ट खेलने का रिकार्ड बनने से टूट गया। कारण चाहे कुछ भी रहे हो लेकिन मीडिया मे यह कपिल गावस्कर विवाद से छाया रहा। कई बार तो विवाद इतने बढ़ गये कि दोनो के समर्थक स्टेडियम मे भिड़ने की खबरे आने.लगी परन्तु रिटायरमेट के ब द दोनो एक दूसरे की जमकर तारीफ करते है।इसी तरह इमरान और मियांदाद के बीच मे भी विवाद हुए है। दोनो ही समकालीन थे और अपने समय के बड़े दिग्गज थे। दोनो ही पाकिस्तान के कप्तान रह चुके है। परन्तु रिटायरमेट के बाद एक दूसरे के प्रशंसक हो गये।

कहने का मतलब यह है कि खिलाड़ियो के बीच विवाद की गुंजाईश बहुत कम होती है। उनके बीच विवाद या तो गासिप मीडिया की उपज होती है या कोई गलतफहमी। दो दिग्गजो के प्रशंसक भी बड़ी संख्या मे होते है तो वे भी अपने आईकान को कमजोर देखना पसंद नही करते है। युवराज सिह का ताजा विवाद दोस्तो के बीच अल्हड़पन का नतीजा है। खिलाड़ियो के बीच कोई विवाद नही है।यह विवाद सोशल मीडिया से उपजा हुआ है। फिर भी खिलाड़ियो को सोशल मीडिया का उपयोग करते वक्त जिम्मेदार होना चाहिए। वे युवाओ के नायक है उन्हे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदार नागरिक की तरह करना चाहिए।
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सीताराम गेट के सामने, बीकानेर।
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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस