निधि राजदान ने तोड़ा एनडीटीवी से नाता

वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने 21 साल बाद एनडीटीवी से नाता तोड़ लिया है। वह अपनी नई पारी की शुरुआत हावर्ड के साथ करने जा रही है जहां वह  एसोसिएट प्रोफेसर होंगी। इस बाबत उन्होंने ट्वीट किया है कि मैं कुछ व्यक्तिगत

 

वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने 21 साल बाद एनडीटीवी से नाता तोड़ लिया है। वह अपनी नई पारी की शुरुआत हावर्ड के साथ करने जा रही है जहां वह  एसोसिएट प्रोफेसर होंगी। इस बाबत उन्होंने ट्वीट किया है कि मैं कुछ व्यक्तिगत कारणों से NDTV को छोड़ रही हूं। यहां मैं 21 साल रही। अब मैं हावर्ड के साथ जुड़ने जा रही हूं जहां मैं एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दूंगीं। उन्होंने आगे लिखा है कि “NDTV ने मुझे सब कुछ सिखाया है। यह मेरा घर रहा है। मुझे उस काम पर गर्व है जो हम करते हैं, जिन कहानियों को हम कवर करते हैं, जिन मूल्यों के लिए हम खड़े होते हैं, विशेष रूप से ऐसे समय में जब मीडिया के अधिकांश ने अपनी निष्पक्षता को आत्मसमर्पण कर दिया है।

 

अपने दो दशक लंबे करियर में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैश्विक असाइनमेंट कवर किए हैं और अपनी रिपोर्टिंग के लिए पुरस्कार भी जीते हैं।

 

 

उन्हें पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार और संचार के लिए शिक्षक उपलब्धि पुरस्कार (TAA) से सम्मानित किया गया।

 

उन्होंने कठुआ बलात्कार और हत्या मामले की जांच के लिए “साजिश के पर्दाफाश” के लिए पत्रकारिता में उत्कृष्टता के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रेस संस्थान पुरस्कार भी अर्जित किया।

 

22 साल की उम्र में, राजदान ने अपना करियर NDTV से शुरू किया था।

जनसत्ता एक्सप्रेस एक स्वतंत्र मंच है। जहां आपको अपनी बात रखने की, अपने विचार रखने की, अपने जज्बात रखने की खुली छूट है। पर एक बात यहां साफ कर दें कि पत्रकारिता के भी कुछ मूलभूल सिद्धांत हैं जिससे परे हम लोग भी नहीं। पर आप जनसत्ता एक्सप्रेस के साथ किसी भी रूप में जुड़ना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। हम या आपको उतना ही आदर देंगे, सम्मान देंगे जितना अपने सहकर्मी को। इसलिए आप अपने क्षेत्र की खबरें, वीडियो हमें शेयर करें। हम उन्हें जनसत्ता एक्सप्रेस पर प्रकाशित करेंगे। इसके लिए आप jansattaexp@gmail.com का उपयोग कर सकते हैं। या फिर हमें आप whatsup भी 7678313774 पर कर सकते हैं। फोन तो आप कर ही सकते हैं। इसलिए एक नेक काम के लिए, पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए हमारे साथ, हमारी टीम का हिस्सा बनिए और स्वतंत्र पत्रकार, फोटोग्राफर, स्तंभकार के रूप में अपने अंदर के पत्रकार को जिंदा रखिए। हमारी टीम तो आपके साथ है ही।

राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

ट्रेंडिंग