मोदी के गोद लिए गांव में भूख से पीड़ितों पर स्टोरी करना सुप्रिया पर भारी पड़ा


लखनऊ: पीएम मोदी के गोद लिए गांव में भूख से पीड़ितों पर स्टोरी करना स्क्रोल वेबसाइट की पत्रकार सुप्रिया शर्मा पर भारी पड़ गया है. पत्रकार पर वाराणसी के रामनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. डोमरी गांव की रहने वाली माला देवी नाम की महिला ने सुप्रिया के खिलाफ ये मुकदमा

 

लखनऊ: पीएम मोदी के गोद लिए गांव में भूख से पीड़ितों पर स्टोरी करना स्क्रोल वेबसाइट की पत्रकार सुप्रिया शर्मा पर भारी पड़ गया है. पत्रकार पर वाराणसी के रामनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. डोमरी गांव की रहने वाली माला देवी नाम की महिला ने सुप्रिया के खिलाफ ये मुकदमा दर्जा कराया है. माला के मुताबिक, सुप्रिया ने अपनी स्टोरी में उनकी गरीबी और जाति का मजाक उड़ाया है जिससे उन्हें ठेस पहुंची है.

माला वाराणसी नगर निगम में आउटसोर्सिंग से सफाई कर्मचारी के तौर पर काम कर रही हैं. उनका कहना है कि उनके परिवार को लॉकडाउन के दौरान खाने से संबंधित ऐसी कोई समस्या नहीं आई जिसका स्टोरी में जिक्र किया गया है.

 

बता दें कि स्क्रोल वेबसाइट पर 8 जून को एक स्टोरी पब्लिश की गई जिसमें बताया गया कि वाराणसी के डोमरी गांव जिसे पीएम मोदी ने 2018 में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया था वहां लॉकडाउन के दौरान लोग भूख से परेशान रहे.

 

Police lodged a First Information Report (FIR) against Supriya Sharma, the executive editor of news portal Scroll.in for her report on the lockdown in India’s prime minister Narendra Modi’s constituency. The International Federation of Journalists (IFJ) and its affiliate the National Union of Journalists (India) (NUJI) urges the Indian government to withdraw the charges.

Mala Devi lodged an FIR at Varanasi’s Ramnagar police station in Uttar Pradesh on June 13, alleging Supriya Sharma misrepresented her interview in Domari village, Varanasi. Accordingly, police charged Sharma under section 501 and 269 of the Indian Penal Code for allegedly printing a defamatory story and a negligent act that is likely to cause the spread of a life-threatening disease. 

Sharma’s article documented the impacts of the lockdown and inadequate emergency food support in Domari village, Varanasi. Modi adopted Domari village as part of his constituency in 2018. 

NUJI president, Ras Bihari said: “This is a threat to democracy and attacks the origins of freedom of expression.” Ras Bihari expresses grave concern over the harassment of journalists through FIR's in Uttar Pradesh and appeals to journalists to fact-check before publishing a story. 

The IFJ said: “It is entirely inappropriate for a factual dispute to result in the police prosecution of a journalist. The IFJ calls on the Indian government to drop the charges against Supriya Sharma and review the use of FIR’s against journalists.”

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