एयरफोर्स  के जवानों की छुट्टियां रद्द, तैयार रहने को कहा गया

नई दिल्ली: सीमा विवाद पर अब तक की सबसे बड़ी खबर आपको बताने जा रहे हैं. गलवान में चीन के सैनिक भारत के कब्जे में थे. लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने चीन के कर्नल को ज़िंदा पकड़ा था. भारतीय सेना के 3 मीडियम रेजिमेंट के जवानों ने चीन के कर्नल को बंधक बनाया था. सूत्रों के मुताबिक, झड़प में चीन के 45 से 50 सैनिक मारे गए थे.

नई दिल्ली: सीमा विवाद पर अब तक की सबसे बड़ी खबर आपको बताने जा रहे हैं. गलवान में चीन के सैनिक भारत के कब्जे में थे. लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने चीन के कर्नल को ज़िंदा पकड़ा था. भारतीय सेना के 3 मीडियम रेजिमेंट के जवानों ने चीन के कर्नल को बंधक बनाया था. सूत्रों के मुताबिक, झड़प में चीन के 45 से 50 सैनिक मारे गए थे. 


LAC पर सोमवार रात चीन के निर्माण कार्य की वजह से झड़प हुई थी. LAC पर चीन की निर्माण की कोशिश को भारतीय सेना ने रोका. सैनिकों की बहादुरी की वजह से चीन LAC पार नहीं कर पाया. सैनिकों के बलिदान की वजह से चीन घुसपैठ नहीं कर पाया. चीन ने हमारी सीमा में घुसने की कोशिश की, उन्हें करारा जवाब दिया गया. LAC पर किसी भी तरह का एकतरफा बदलाव बर्दाश्त नहीं. 60 साल में हमारी 43 हजार वर्ग किमी जमीन पर चीन ने कब्जा किया हुआ है. बेवजह विवाद से सैनिकों का मनोबल गिराने की कोशिश हो रही है.


पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक के बाद देश के नाम संबोधन में चीन पर कहा था कि कोई घुसपैठ नहीं जिससे हमारी पोस्ट पर कब्जा हुआ हो. 20 वीर सैनिकों ने दुश्मन को सबक सिखाया, उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. हमारी सेना हर हालात के लिए तैयार और सक्षम है. सेना को हमने उचित कार्रवाई की खुली छूट दी है. हम चाहते हैं कि शांति और कूटनीतिक प्रयास से मुद्दे सुलझें. संप्रभुता सर्वोपरि है, सीमा पर 5 साल हमने विकास किया है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर चीन की हरकत पर नजर रखने में मददगार है. बाहरी दबाव में भारत कभी नहीं झुका, इस बार भी ऐसा ही होगा.


इसे आप चीन के खिलाफ भारत की निर्णायक तैयारी कह सकते हैं क्योंकि याद कीजिए पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कह दिया था की सेना को चीन के खिलाफ खुली छूट दी गई है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया कल ही कह चुके हैं कि वायुसेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं और बड़ी खबर ये भी है कि सूत्रों के मुताबिक एयरफोर्स  के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है. 

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राजेश राय, संपादक, जनसत्ता एक्सप्रेस

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