रेलवे को प्राइवेट हाथों में सौंपने की तैयारी पूरी


राजेश राय, नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार आम जनता और रेलवे को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी में है। अब रेलवे के 109 रुटों पर ट्रेनें प्राइवेट हाथों में होंगी। यानी रेलवे का प्राइवेटाजेशन पक्का हो गया है। आम जनता के लिए झटका इसलिए भी है कि

राजेश राय, नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार आम जनता और रेलवे को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी में है। अब रेलवे के 109 रुटों पर ट्रेनें प्राइवेट हाथों में होंगी। यानी रेलवे का प्राइवेटाजेशन पक्का हो गया है। आम जनता के लिए झटका इसलिए भी है कि आने वाले दिनों में आम जनता की रेल कही जाने वाली ट्रेंने खास लोगों के लिए होंगी और इनकी टिकट दरें काफी हाई होंगी। इसलिए अच्छे दिनों की सोच यदि आप छोड़ दें तो आप के लिए बेहतर होगा।

सूत्रों ने बताया कि इन ट्रेनों में गार्ड और ड्राइवर भारतीय ही होंगे। इन ट्रेनों को 160 की स्पीड तक चलने की आजादी होगी। सरकार का मानना है कि इससे रेलवे में 30 हजार करोड़ का निवेश होगा।

सूत्र ने बताया कि रेल मंत्रालय ने 109 जोड़ी प्राइवेट ट्रेन चलाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वॉलिफिकेशन (RFQ) मांगा है। पूरे देश के रेलवे नेटवर्क को 12 क्लस्टर में बांटा गया है और इन्हीं 12 क्लस्टर में 109 जोड़ी प्राइवेट ट्रेनें चलेंगी। हर ट्रेन कम से कम 16 डिब्बे की होगी और यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इन ट्रेनों का रोलिंग स्टॉक निजी कंपनी खरीदेगी। मेंटेनेंस उसी का होगा रेलवे सिर्फ ड्राइवर और गार्ड देगा। यह भारतीय रेलवे नेटवर्क पर पैसेंजर ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की पहली पहल है।





 

 

 

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