कोरोना मामले में धारावी बना विश्व का उदाहरण, डब्ल्यूएचओ चीफ ने की तारीफ

मुबई। महाराष्ट्र और मुंबई में कोरोना अभी भी बेकाबू है लेकिन राहत की बात यह है कि एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में संक्रमण अब नियंत्रण में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसकी तारीफ की है। WHO ने धारावी का उदाहरण देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय और वैश्विक एकजुटता के साथ आक्रामक कार्रवाई से महामारी को रोका जा सकता है।

मुबई। महाराष्ट्र और मुंबई में कोरोना अभी भी बेकाबू है लेकिन राहत की बात यह है कि एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में संक्रमण अब नियंत्रण में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसकी तारीफ की है। WHO ने धारावी का उदाहरण देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय और वैश्विक एकजुटता के साथ आक्रामक कार्रवाई से महामारी को रोका जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम गेब्रेयेसुस ने कहा, ''दुनिया में कई ऐसे उदाहरण हैं कि महामारी गंभीर स्थिति में पहुंचने पर भी इसे दोबारा नियंत्रण में लाया जा सकता है। इनमें से कुछ उदाहरण इटली, स्पेन, साउथ कोरिया और धारावी- मुंबई महानगर का एक अति सघन आबादी वाला इलाका- हैं। समुदाय को शामिल करने, टेस्टिंग, ट्रेसिंग, आइसोलेशन और इलाज संक्रमण के चेन को तोड़ने और वायरस को दबाने के लिए अहम है।'' 

हालांकि, मुंबई और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहा है। महाराष्ट्र में शुक्रवार को रिकॉर्ड 7862 केस सामने आए और 226 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अब तक 2 लाख 38 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 9 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

धारावी में जिस तेजी से कोरोना केस फैलने लगे थे उसने राज्य के साथ केंद्र सरकार की भी चिंता बढ़ा दी थी। केंद्र सरकार ने यहां विशेषज्ञों की टीम भेजी थी। सघन आबादी में संदिग्ध मरीजों के आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं होने की वजह से संस्थागत आइसोलेशन की व्यवस्था की गई। सामूहिक शौचालय की समस्या को दूर किया गया। टेस्टिंग बढ़ाई गई और अब नतीजा सामने है। धारावी में नए केसों की संख्या अब सिंगल डिजिट तक आ गई है। गुरुवार को यहां 9 केस मिले और इससे कुल संक्रमितों की संख्या 2,347 तक पहुंची है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 90 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और 5 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या करीब 8 लाख हो चुकी है और 21 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। देश में अब कुल एक्टिव केस 2 लाख 76 हजार हैं जबकि 4 लाख 95 हजार लोग ठीक हो चुके हैं।

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